NBSE Class-10| Hindi | Chapter-11 गीत मेरे

Get here the notes/solutions/extras of NBSE Class-10| Hindi | Chapter-11 गीत मेरे. However, the study materials should be used only for references and nothing more. The notes can be modified/changed according to needs.

In This chapter NBSE Class-10| Hindi | Chapter-11 गीत मेरे which is a part of the class 10 syllabus of Hindi for students studying under Nagaland Board of School Education:

NBSE Class-10| Hindi | Chapter-11 गीत मेरे

Here You can learn or understand this chapter’s notes and question answer for NBSE Syllabus, all the materials are given in the basic and easy to learn for the students. We describe all the questions answer briefly in every state.

पद्य भाग (ख)

I. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिये –

1. कवि गीत से क्या चाहता है ?

उत्तर : कवि गीत से स्वयं के जीवन में तथा विश्व में ज्ञानरुपी प्रकाश फैलाना चाहता है।

2. कवि के हृदय की दुनिया कैसी है ?

उत्तर : कवि के हृदय की दुनिया कालिमा से परिपूर्ण है अर्थात अज्ञान रुपी अन्धकार से परिपूर्ण है। 

3. कवि अपने गीत को देहरी का दीप क्यों बनाना चाहता है ?

उत्तर : कवि अपने गीत को देहरी का दीप बनाना चाहता है कारण जिस प्रकार देहरी का दीप घर-बाहर दोनो ओर उजाला फैलाता है उसी प्रकार कवि स्वयं के जीवन में तथा विश्व में ज्ञान रुपी प्रकाश फैलाना चाहता है। 

4. विश्व में लालिमा कब फैलेगी ?

उत्तर : जब अज्ञानरुपी अंधकार दूर हो जायोगी तब विश्व में लालिमा फैलेगी।

II. जग विभामय कब होगा ? सही उत्तर चुनिये।

क) जब सबेरा हो जायेगा। 

ख) जब दीपक जल जायेगा।

ग) जब काली रात बीत जायेगी। 

घ) जब व्यक्ति स्वयं प्रकाशमय हो जायेगा।

उत्तर : घ) जब व्यक्ति स्वयं प्रकाशमय हो जायेगा।

III. निम्नलिखित पद्यखण्डों की संदर्भ सहित व्याख्या 

क) “प्राण की लौ से तुझे जिस काल बारुँ

और अपने कण्ठ पर तुझको सँवारूँ”

संदर्भ : प्रस्तुत पद्य खण्ड “गीत मेरे” नामक कविता से ली गयी है। इसके रचनाकार है हरिवंश राय “बच्चन” जी।

प्रसंग : कवि अपनी कविता को देहरी का दीप बनाकर संसार के अज्ञानरुपी अन्धकार को मिटाना चाहता है।

व्याख्या : कवि की कामना है कि वह अपने देहरी के दीप को प्राण की लौ से जलाए अर्थात प्राण की प्रकाश से प्रकाशित करे और अपने कण्ठ से दीप को सँवारे अर्थात अपने गीतों से दीप को सजा दे ताकी उसका दीप विश्व में ज्ञानरुपी प्रकाश फैला कर विश्व का अंधेरा दूर करे। 

ख)”जग विभामय तो न काली रात मेरी

मैं विभामय तो नहीं जगती अँधेरी।।”

संदर्भ : प्रस्तुत पद्य खण्ड “गीत मेरे” नामक कविता से ली गयी है। इसके रचनाकार है हरिवंश राय “बच्चन” जी।

प्रसंग : कवि को यह पूर्ण विश्वास है कि जब उसके अन्दर का अज्ञान दूर होगा तब विश्व में प्रकाश फैलेगा। |

व्याख्या : कवि का विश्वास है कि उसकी कविता देहरी का दीप बन प्रकाश फैला देगी। वह कहता है यदि जग प्रकाश से युक्त हुआ तो उसकी काली रात छँट जायेगी अर्थात उसका दुःख दूर हो जाएगा। यदि वह विभामय हो गया अर्थात यदि वह ज्ञानरुपी ज्योति से अलंकृत हो गया तो अज्ञानरुपी अंधकार स्वतः ही समाप्त हो जाएगा। कवि प्रतिज्ञा करता है कि ज्ञान फैलाने के लिए वह पूर्ण शक्ति लगा देगा।

अभ्यास प्रश्न-उत्तर

1.निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिये

आलोक -अन्धकार (तम)

जटिल -सरल

कृपण -दाता

शुक्ल-कृष्ण

मानव -दानव

तीव्र-मन्द

गुरु – चेला

चतुर – मूर्ख

चपल – शान्त

तम -आलोक

2.निम्नलिखित शब्दों के दो दो पर्यायवाची लिखिये

आलोक- प्रकाश, उजाला

स्नेह -प्यार, प्रेम

कन्या -बाला, लड़की

ईश्वर -भगवान, प्रभु 1

अहंकार – घमंड, दर्प

घन – बादल, मेघ

संसार – जग, जगत

तम – अन्धकार, तिमिर

3.निम्नलिखित शब्दों के अर्थ भेद करते हुए वाक्य बनाइये

वर्ण (रंग) – अफ्रिका में वर्ण-भेद का विरोध हुआ ।

वर्ण (जाति) आप किस वर्ण के हैं ?

मान (प्रतिष्ठा) प्रत्येक व्यक्ति का अपना मान है।

मान (तौल) – शिक्षा का मान दण्ड क्या है। 

तनु (दुबला) उसका शरीर तनु है।

तनु (शरीर) – अपने तनु का ध्यान रक्खो ।

तीर (वाण) – धनुष से तीर निकल पड़ा। 

तीर (किनारा)-यमुना की तीर पर कदम्ब का पेड़ है।

पानी (जल) पानी शुद्ध है। 

पानी (हाथ) पानी जोड़कर पूजा करो।

घन (घना) – जंगल घन है। 

घन (बादल) घन गरज रहा है।

उत्तर (जबाब) उसने प्रश्न का उत्तर सटीक दिया।

उत्तर (बाद का) उत्तर रामायण में लव-कुश की कथा है। 

VI. अंग्रेजी में अनुवाद कीजिये –

1. व्यायाम स्वास्थ के लिए लाभप्रद होता है। 

Ans: Exercise is beneficial for health.

2. हमें बुरी आदतों का परित्याग करना चाहिए। 

Ans: We should give up our bad habits.

3. मैं आपकी सहायता के लिए आपका कृतज्ञ हूँ।

Ans : I am grateful to you for your help.

4. उसने अपनी गलती को स्वीकार किया। 

Ans : He accepted his fault.

5. वह जैसे भी हो संन्ध्यावाली ट्रेन से आ रहा है।

Ans: Any how he is coming by evening train.

6. दिन में सोना स्वास्थ्य के लिए हनिकारक होता है।

Ans: Sleeping in day time is harmful for health. 

7. मैं उसकी वीरता पर आश्चर्य चकित हूँ।

Ans : I am surprised at his bravery.

NBSE Class-10 Hindi Notes/Solutions

Chapter No.Chapter’s Name
गद्य भाग (क)
पाठ 1मिठाईवाला
पाठ 2अकेली
पाठ 3बुढ़िया का बदला
पाठ 4वापसी
पाठ 5भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य सम्बन्ध
पाठ 6व्यवहार कुशलता
पाठ 7भेड़ें और भेड़िये
पद्य भाग (ख)
पाठ 8नीति के दोहे
पाठ 9बिहारी के दोहे
पाठ 10कर्मवीर
पाठ 11गीत मेरे
पाठ 12अकाल और उसके बाद
पाठ 13पुजारी, भजन, पूजन और साधन
व्याकरण (ग)
1.संधि और उसके भेद
2.समास और विग्रह
3.पर्यायवाची / विलोम शब्द
4.कारक भेद और प्रयोग
5.काल और उसके भेद
6.वाच्य और उसके भेद
7.वचन और लिंग
8.मुहावरे और लोकोत्तियाँ
9.Translate (Hindi to English)
10.Easy Writing
11.पत्र लेखन
12.संक्षेपण
13.भाव पल्लवन

गृहकार्य

1. न नहीं, मत के उचित प्रयोग से खाली स्थान की पूर्ति कीजिये 

क) वे अधिक चाय पीना पसन्द नहीं करते।

ख) तुम सिगरेट मत पीओ।

ग) आप मेरे लिये कष्ट न करें।

घ) तुम रात में अधिक देर तक मत जागो।

ङ) वह कल मेरे घर नहीं आयी थी।

2. दीप मेरे, देहरी के दीप सा बन का भाव पल्लवन कीजिये। | 

उत्तर : कवि कहता है दीप मेरे, देहरी के दीप सा बन अर्थात जैसे देहरी पर का दीपक घर और बाहर दोनो ओर उजाला करता है ठीक उसी प्रकार कवि अपने गीत द्वारा स्वयं के जीवन में तथा देश- विदेश में ज्ञान रुपी आलोक फैलाना चाहता है। अतः वह चाहता है कि उसका दीप देहरी पर ही जले।

Leave a Reply