NBSE Class-10| Hindi | Chapter-7 भेड़ें और भेड़िये

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NBSE Class-10| Hindi | Chapter-7 भेड़ें और भेड़िये

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गद्य भाग (क)

अभ्यास प्रश्न-उत्तर

मौखिक

1. पीला, नीला एवं हरा सियार किसका प्रतीक है ? उत्तर : पीला सियार कवि एवं लेखक, नीला सियार नेता और स्वर्ग के पत्रकार तथा हरा सियार धर्मगुरु के प्रतीक है।

2. भेड़िया वर्तमान काल में किसका प्रतिनिधित्व करता है ? 

उत्तर : भेड़िया वर्तमान काल में चुनाव जीतने वाले नेता का प्रतिनिधित्व करता है।

3. पंचायत में किस वर्ग को विजय प्राप्त हुई ?

उत्तर : पंचायत में भेड़िया वर्ग को विजय प्राप्त हुई।

           लिखित

1. यह कथन किसने किससे और कब कहे “मालिक, सरकस में भरती हो जाइये।”

उत्तर : यह कथन सियार ने कहा।

यह कथन भेड़िया से कहा गया। यह कथन उस समय कहा गया जब भेड़िये ने सियार से कहा कि पंचायत चुनाव में भेड़ों का बहुमत होगा। अगर वे कानून बना दिये कि कोई पशु किसी को न मारे तो हम क्या खायेगें। उसी समय यह सियार ने भेड़िये से कहा ।

2. चुनाव की निकटता भेड़ों के लिए हर्ष और भेड़ियो के लिए संकट का कारण क्यों बन रही थी।

उत्तर : चुनाव की निकटता भेड़ों के लिए हर्ष और भेड़ियों के लिए संकट का कारण इसलिए बन रही थी क्यों कि भेड़ो की संख्या इतनी अधिक थी कि पंचायत में उनका ही बहुमत होगा और अगर उन्होंने कानून पास कर दिया कि कोई पशु किसी को न मारे तो बेचारे भेड़िये खायेगें क्या । 

3.नीले एवं हरे रंग के सियारों ने भेड़िये के पक्ष में क्या तर्क दिये ?

उत्तर : नीले रंग के सियार ने भेड़िये के पक्ष में यह तर्क दिया कि भेड़ निर्बल है अतः अपनी रक्षा नहीं कर सकती। भेड़िया बलवान है अतः उसी के हाथ में अपने हितों को छोड़ देना चाहिए और भेड़िये को चुनकर पंचायत में भेजो।

हरे रंग के सियार ने भेड़िये के पक्ष में यही कहा कि जो यहाँ त्याग करेगा, उस लोक में पायेगा। जो यहाँ दुःख भोगेगा, वह वहाँ सुख पायेगा। जो यहाँ राजा बनायेगा, वह वहाँ राजा बनेगा। जो यहाँ वोट देगा, वह वहाँ वोट पायेगा । इसलिये सब मिलकर भेड़िया को वोट दो। 

4.यह एक भेड़िये की कथा नहीं है, यह सब भेड़ियों की कथा है। ऐसा कहने से लेखक का तात्पर्य क्या है।

उत्तर : लेखक ने चुनाव जीतने वालों की तुलना भेड़िये से की है इसी सन्दर्भ में लेखक कहता है कि यह एक भेड़िये की कथा नहीं है। अर्थात यह एक उम्मीदवार की कथा नहीं है अपितु जितने लोग चुनाव में खड़े होते है या चुनाव जीतते हैं यह उनकी कथा है।

5.निम्नलिखित का व्यंग्यार्थ स्पष्ट कीजिये 

क) हर भेड़िये के पास दो चार सियार रहते ही हैं।-

उत्तर : हर नेता के पास चार चापलूस रहते ही हैं।

ख) अरे कवि की बात सबके समझ में आ जाय तो वह कवि काहे का । 

उत्तर : कवि बात को तोड़ मरोड़ कर प्रस्तुत करता है इसी पर लेखक व्यंग करता है कि कवि की बात यदि सीधे समझ में आ जाय तो वह अच्छा कवि नहीं।

6. प्रचारतन्त्र गलत को सही और सही को गलत सिद्ध करने में सफल होता है। प्रस्तुत कहानी के आधार पर इस कथन की समीक्षा कीजिये।

उत्तर : प्रचारतन्त्र गलत को सही और सही को गलत सिद्ध करने में सफल होता है यह कथन सत्य है प्रस्तुत कहनी में बूढ़ा सियार, पीले, नीले और हरे सियार को लेकर पंचायत चुनाव में भेड़िये के पक्ष में चुनाव करते हैं यह जानते हुये कि भेड़िया एक हिंसक पशु है। सबसे पहले बूढ़ा सियार भेड़िये के माथे पर तिलक, गले में कण्ठी तथा मुख में घास के तिनके डाल कर भेड़ों का समझाता है कि भेड़िये ने हिंसा का मार्ग त्याग दिया है। तदनुपरान्त पीले, नीले, हरे सियार क्रमशः अपना अपना तर्क भेड़िये के पक्ष में इतना सटीक रखतें हैं कि भेड़ों को विश्वास हो गया कि भेड़िया समाज सेवक बन गया है। इस प्रकार प्रचारतन्त्र ने गलत को सही ठहरा दिया।

7.यहा एक जन्तु कथा है या प्रतीकात्मक कथा ? तर्कपूर्ण उत्तर दीजीये |

उत्तर : यह एक प्रतीकात्मक कथा है कारण यहाँ जन्तु किसी न किसी का प्रतिनिधित्व करते हैं। भेड़िया चुनाव जीतने वालों का प्रतीक है। तो पीला, नीला एवं हरा सियार उन चाटुकारों और चापलूसों के प्रतिक है जो चुनाव में खड़े उम्मीदवारों की चापलूसी करते है और उनके लिए चुनाव में प्रचारतन्त्र का काम करते हैं।

8. प्रस्तुत कहानी में प्रयुक्त भेड़, भेड़िये और सियार आज किस किस बर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं ?

उत्तर : इस कहानी में भेड़ जनता की, भेड़िये चुनाव जीतने वालों की तथा सियार चापलूसों का प्रतिनिधित्व करते है।

9. निम्नलिखित मुहावरों एवं शब्दों के अर्थ लिखकर वाक्यों में प्रयोग कीजिये ।

क) आसमानी बातें करना (ऊँची ऊँची बातें करना) आसमानी बातों से किसी का पेट नहीं भरता ।

ख) दाँत निपोरना (दया की भीख माँगना) सेठ जी डाकू के आगे दाँत निपोरने लगे।

ग) गुण गाना (प्रंसशा करना) नौकर अपने मालिक के गुण गाता है।

घ) रंगा सियार होना (बनावटी रूप धारण करना) उसका विश्वास मत करो वह रंगा सियार है।

ङ) विश्वात्मा (ईश्वर) विश्वात्मा की आराधना करो।

च) विराट (विशाल) हनुमान जी ने अपना विराट रूप धारण किया। 

छ) अवरुद्ध (रोक) उसका कार्य अवरुद्ध हो गया।

10. निम्नलिखित गद्यांशो की सप्रसंग व्याख्या कीजिये. 

क) पशु-समाज में इस क्रान्तिकारी परिवर्तन – • स्वर्णयुग अब आया और वह आया । 

संदर्भ : प्रस्तुत अवतरण “भेड़ें और भेड़िये” नामक पाठ से ली गयी है. इसके रचनाकार हैं हरिशंकर परसाई जी।

प्रसंग : एक बार किसी वन के पशुओं ने यह निश्चय किया कि अब वे सभ्यता के उस स्तर पर पहुच गये हैं कि वन प्रदेश में अच्छी शासन व्यवस्था हो । सर्वसम्मत्ति से यह पारित हुआ कि वन में प्रजातन्त्र की स्थापना हो।

व्याख्या : जब वन के पशुओं ने यह सुना कि वन प्रदेश में प्रजातन्त्र की स्थापना होने जा रही है तो सबके मन में खुशी की लहर छा गयी। कि अब सुख, चैन और सम्पन्नता का युग वन प्रदेश में होगा और किसी से किसी को भय नहीं होगा और लोग एक व्यवस्थित जीवन जी सकेगें।

ख) हमे अपने प्रतिनिधियों से कानून हो । • पर समाज आप्पारित हो।

संदर्भ : प्रश्न 10 (क) के ही जैसा।

प्रसंग : जब यह सर्वसम्मति से पारित हुआ कि वन में प्रजातन्त्र की स्थापना होगी एवं उसके लिये चुनाव होगा तो वन की जीव जन्तु सोचने लगे खास कर भेड़ें।

व्याख्या : वन में बहुत सी भेड़े थी जो नेक, ईमानदार और कमजोर थी। किन्तु वन में भेड़ो का बहुमत था अतः वे सोचने लगी कि अपने प्रतिनियों से ऐसा कानून बनवालेगें जिससे कोई भी जीव किसी जीव को नहीं मारेगा और “जीओ और जीने दो” के सिधान्त पारित किया जायेगा जिससे वन में शान्ति एवं भाईचारा का राज्य स्थापित होगा।

ग) अपनी हिंसक आँखों को उपर मत – • पोल खुल जायेगी। 

संदर्भ : प्रश्न 10 (क) के ही जैसा। 

प्रसंग : जब भेड़िया पंचायत चुनाव में खड़ा हुआ, बूढ़ा सियार भेड़िया को तिलक लगाकर, कण्ठी पहनाकर एवं मुख में घास का तिनका खोंसकर भेड़िया का रुप रंग बदल कर जन-सभा में प्रचार प्रसार हेतु जाने को तैयार किया।

व्याख्या : बूढ़े सियार ने भेड़िये को संत का चोला पहनाकर चेतावनी देते हुये कहा कि आप सभा में जनता का दिल जीतने जा रहे हैं तो तीन बातों को ध्यान में रखियेगा पहला यह कि अपनी हिंसक नजरों को झुकाकर रखियेगा दूसरी बात जमीन की ओर ही नजर रहे तीसरी बात यह कि कुछ बोलियेगा मत अन्यथा पोल खुल जायेगी। वहाँ भेड़ो की सभा है अतः लालच वश किसी भेड़ को मारकर खाने मत लगियेगा।

घ) आप सर्वज्ञ व्याप्त है का प्रणाम है।

संदर्भ : प्रश्न 10 (क) के ही जैसा।

प्रसंग : भेड़िया अपने चुनाव प्रचार में भेड़ों की सभा में पीले, नीले एवं हरे सियार को ले जाता है जो क्रमशः भेड़िये की प्रशंशा करते है जनता को गुमराह करने के लिये ।

व्याख्या : पीला सियार जो कवि एवं लेखक का प्रतीक है वह सभा में हुआ हुआ करने लगा तब बूढ़े सियार ने समय की नाजुकता समझते हुए पीले सियार को चुप करा कर बीच मे बोल उठा कि कवि जी कोरस गा रहे हैं जिसका अर्थ हैं भेड़िया जी महान हैं। और सर्वशक्तिमान हैं। प्रातः भेड़िया जी के मस्तक पर तिलक करती है, प्रात:काल की लालिमा उनके मुख चूमती है तथा हवा उनको पंखा झलता है। रात्रि को भेड़िया जी के शरीर से ज्योति निकलती है जो खण्ड खण्ड होकर आकाश में तारे के रुप में चमक रहा है। ऐसे महान भेड़िया जी के चरणों में इस क्षुद्र सियार का प्रणाम है।

11. निम्नलिखित वाक्यों के खाली स्थान पाठ के आधार पर कीजिये- 

क) ज्यों ज्यों चुनाव समीप आता भेड़ो का उल्लास बढ़ता जाता।

ख) यह पीला वाला सियार बड़ा विद्वान है, विचारक है, कवि भी है लेखक भी। 

ग) यह नीला नेता और पत्रकार है। और यह हरा धर्मगुरु।

घ) निर्बलों की रक्षा बलवान ही कर सकते है।

12. निम्नलिखित वाक्यों के सामने सही अथवा गलत चिन्ह पाठ के आधार पर लगाइये.

क) हर भेड़िये के आस पास दो चार भेड़ें रहते ही हैं। X 

ख) मगर अब समय ऐसा आ रहा है कि सूखी हड्डियाँ 

भी चबाने को नहीं मिलेंगी।

ग) यह हरा वाला सियार बड़ा विद्वान है। x

घ) आपकी सेवा में लगाकर तमाम पुण्यों का प्रायश्चित करेगें। x

 ङ) पंचायत में भेड़ों की हितों के रक्षा के लिये भेड़िये प्रतिनिधि बन गये।

अभ्यास प्रश्न-उत्तर

1. वाच्य किसे कहते हैं ? उदाहरण द्वारा स्पष्ट करें। 

उत्तर : वाक्य में क्रिया के जिस रूप से कर्त्ता, कर्म या क्रिया की प्रधानता हो उसे वाच्य कहते हैं।

जैसे – बच्चे खेलते हैं। (कर्त्ता “बच्चे” की प्रधानता है।)

2. उदाहरण सहित वाच्य के प्रकार बताईये –

वाच्य के तीन प्रकार हैं

क) कर्तृवाच्य (Active Voice) जिस वाक्य में कर्त्ता की प्रधानता हो ।

जैसे मेरेन किताब पढ़ती है। –

ख) कर्मवाच्य (Passive Voice) जिस वाक्य में कर्म की प्रधानता हो।

जैसे पत्र लिखा गया।

ग) भाववाच्य ( Impersonal Voice) जिस वाक्य में क्रिया की प्रधानता हो। जैसे – बालक से देखा नही जाता। 

3. कोष्ठक में दिये गये निर्देश के अनुसार वाच्य बदलिये-

क) मेयाविसे चित्र बनाता है (कर्मवाच्य)

मेयाविसे द्वारा चित्र बनायी जाती है।

ख) वह किताब खरीदेगा (कर्मवाच्य) उसके द्वारा किताब खरीदी जाती है।

ग) बच्चा नहीं रोता (भाववाच्य)

बच्चे से नहीं रोया जाता।

घ) बालक नहीं खेलता (भाववाच्य) 

बालक से नहीं खेला जाता।

ङ) में बाइबिल पढ़ता हूँ। (कर्मवाच्य) 

मेरे द्वारा बाइबिल पढ़ा जाता है।

4. निम्नलिखित वाक्यों के वाच्य सम्बन्धी अशुद्धियों को दूर करके शुद्ध लिखिये

क) प्रस्तुत पंक्तियाँ सरोज स्मृति से ली है। x 

प्रस्तुत पंक्तियाँ सरोज स्मृति से ली गयी है।

ख) अध्यापक से संस्कृत पढ़ायी है। x 

अध्यापक से संस्कृत पढ़ायी जाती है।

ग) मैं अमरुद खाया गया। x 

मुझसे अमरुद खाया गया। ✓

घ) पुलिस ने डाकुओं का पीछा किया।

पुलिस ने डाकुओ का पीछा किया। 

ङ) विकाश ने घर गया और सोया। x

विकाश घर गया और सोया ।✓

च) डाकुओ ने चौकी लुटी गयी। x 

डाकुओ के द्वारा चौकी लुटी गयी।

NBSE Class-10 Hindi Notes/Solutions

Chapter No.Chapter’s Name
गद्य भाग (क)
पाठ 1मिठाईवाला
पाठ 2अकेली
पाठ 3बुढ़िया का बदला
पाठ 4वापसी
पाठ 5भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य सम्बन्ध
पाठ 6व्यवहार कुशलता
पाठ 7भेड़ें और भेड़िये
पद्य भाग (ख)
पाठ 8नीति के दोहे
पाठ 9बिहारी के दोहे
पाठ 10कर्मवीर
पाठ 11गीत मेरे
पाठ 12अकाल और उसके बाद
पाठ 13पुजारी, भजन, पूजन और साधन
व्याकरण (ग)
1.संधि और उसके भेद
2.समास और विग्रह
3.पर्यायवाची / विलोम शब्द
4.कारक भेद और प्रयोग
5.काल और उसके भेद
6.वाच्य और उसके भेद
7.वचन और लिंग
8.मुहावरे और लोकोत्तियाँ
9.Translate (Hindi to English)
10.Easy Writing
11.पत्र लेखन
12.संक्षेपण
13.भाव पल्लवन

गृहकार्य

अपने गाँव में मनाये जाने वाले किसी त्योहार का वर्णन 20 वाक्यों में कीजिये ।

भारत त्योहारों का देश है। यहाँ प्रत्येक गाँवों, प्रत्येक शहरो में आये दिन त्योहार देखने को मिलते हैं।

उत्तर : दीपावली प्रकाश का त्योहार है। यह पर्व हमारे गाँव में प्रति वर्ण कार्तिक पूर्णिमा को मनाया जाता है। पिछली बार हमने अपने गांव दीपावली बड़े धूम धाम से मनाई। कहा जाता है कि 14 वर्ष के वनवास के बाद जब भगवान राम रावण को मार कर अयोध्या लौटे तो खुशी के मारे लोगों ने अपने अपने घरों को दीप जला कर सजाया था । उसी दिन से हम दीपावली मनाते है।

दीपावली से पहले हम अपने घरों को गोबर-मिट्टी से लीपते है कारण गावँ में कच्चे घर हैं। दीपावली के दिन अपने अपने घरों में आम के पत्तों के बन्दनवार लगाये जाते हैं। रात्रि के समय मिट्टी के दियों को जलाकर घर के सामने रख दिया जाता है। बच्चे पटाखे एवं फुल झड़ियों से खेलते है। उसके बाद शुरु होती है। पूजन लक्ष्मी जी की। परिवार के सदस्य घर में लक्ष्मी जी का पूजन करते है आरती करते हैं और प्रसाद का आदान प्रदान करते है। 

कुछ लोग दीपावली में जुआ खेलते है इस आशा से कि लक्ष्मी आएगी परन्तु यह अच्छी बात नहीं है दीपावली में जुआ खेलना त्यौहार को कलंकित करना है। अतः जुआ तथा शराब से दूर रहना उचित है।

दीपावली प्रेम भाईचारा एवं खुशियों का त्यौहार है। अतः इसे मिल जुल कर मनाना चाहिए।

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