SEBA Class 9 Hindi (Elective) Solution| Chapter-14| साबरमती के संत

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SEBA Class 9 Hindi (Elective) Solution| Chapter-14| साबरमती के संत

SEBA Class 9 Hindi (Elective) Solution| Chapter-14| साबरमती के संत ये उत्तर संबंधित विषयों के अनुभवी प्रोफेसरों द्वारा सावधानीपूर्वक तैयार किए जाते हैं। उनका उद्देश्य छात्रों को विषय की उचित समझ में मदद करना और उनके कौशल और अभिव्यक्ति की कला में सुधार करना है। यदि ये उत्तर उन उद्देश्यों को पूरा करते हैं जिनके साथ वे तैयार किए गए हैं, तो हम अपने प्रयास को पर्याप्त रूप से पुरस्कृत मानेंगे। इन उत्तरों में और सुधार के लिए किसी भी सुझाव का हमेशा स्वागत है।

पाठ 14 

प्रदीप

1. दे दी हमें आजादी……… सावरमती के संत 

भावार्थ : गांधी जी विलक्षण प्रतिभा के धनी महापुरुष थे। वे ऐसे अनोखे संत थे, जिन्होंने बिना हथियार, गोला-बारूद के ही अहिंसा रुपी अस्त्र से देश को विदेशी शासन के चंगुल से मुक्त करा लिया और देशवासियों को स्वाधीनता रुपी अमृत प्रदान किया। यह स्वाधीनता भारतवासियों के लिए चमत्कार था और यह चमत्कार साबरमती के महान संत गाँधी जी ने कर दिखाया। परतन्त्रता रुपी आँधी में उन्होंने मशाल की तरह मार्ग-दर्शन किया। संकट के समय भी गाँधी जी का आदर्श कायम रहा। 

2. रघुपति राघव राजा राम…….. साबरमती के संत–: 

भावार्थ : विलक्षण प्रतिभा के धनी महापुरुष ने अपने देश को आजाद करने के लिए बिना हथियार, गोला बारूद के ही अहिंसा के पथ पर चलकर अपनी ओज और प्रताप से ब्रिटिश नामक असुरों को चुटकी में देश से निकाल दिया और यह चमत्कार साबरमती के महान संत गांधी जी न कर दिखाया। उन्होंने पूरे विश्व को सत्य, अहिंसा और प्रेम का संदेश दिया है। सत्य, अहिंसा और प्रेम में जो शक्ति है उसके आगे ब्रिटिश नामक असुर भी धरासाई हो गया। 

3. शतरंज बिछाकर बैठा था……. साबरमती के संत 

भावार्थ : अंग्रेजी जाति को भारत से बाहर निकालना प्रायः असम्भव था, क्योंकि अंग्रेज भारत पर कब्जा करके यही पर अपना सिंहासन रचा था। भारतवासियों पर अपना हुकुमत चला रहा था पर इस शक्तिशाली अंग्रेजों से बापू ने टक्कर ली थी और दुश्मन के छक्के छुड़ा दिए। क्योंकि बापू भी पुराने खिलाड़ी (गुरु) थे। वे जानते थे कि हिंसा से उन्हें भगाया नहीं जा सकता, उन्होंने सत्य और अहिंसा नामक अस्त्र से उन्हें ऐसा परास्त किया कि उनकी चाल न चली अर्थात अहिंसा नामक अस्त्र के सामने झुकना पड़ा। इस महान अहिंसा के पुजारी के कारण आज हम आजादी की साँस ले रहे हैं। विश्ववन्धु बापू सत्य के प्रतीक थे। उनकी जादू भरी आवाज ने हमें पराधीनता की बेड़ियों से आजाद कराया। 

4. जब जब तेरी बिगुल.. ..साबरमती के संत…. 

भावार्थ: महात्मा गाँधी अहिंसा, सत्य और प्रेम की प्रतिमा है। इन्हीं के अथक प्रयास से भारत को अंग्रेजों की दासता से मुक्ति मिली। इनके अहिंसा में अटूट विश्वास, प्रेम में अडिग आस्था और सत्य के प्रति अविचल निष्ठा ने समस्त विश्व को आश्यर्यचकित कर दिया। उनकी एक ही आवाज से लाखों जवान, मजदूर, किसान, हिन्दु, मुस्लिम, सिख, पठान सभी उनके पीछे चल पड़ते थे गांधी जी के सत्याग्रह एवं असहयोग आन्दोलन में जवाहरलाल जी भी उनके पीछे दौड़े थे। अंग्रेजी सरकार ने अपनी हार मान ली और भारत को परतन्त्रता की बेड़ियों से मुक्त कर दिया। अहिंसा और सत्य के आधार पर रक्तहीन क्रांति से स्वतन्त्रता लेकर गांधी ने सारे संसार को चकित-विस्मित कर दिया। 

5. मन थी अहिंसा की….. साबरमती के संत….. 

भावार्थ– हिमालय की ऊँचाई, महासागर की गहराई और आकाश की नील विस्तृति से इनका व्यक्तित्व निर्मित हुआ है। देखने में इनका कद था छोटा पर बहुत बड़ी हस्ती। उन्होंने चरखे को स्वतंत्रता का प्रतीक बनाया और अहिंसा को इस आन्दोलन का अस्त्र । शरीर में मात्र धोती लपेटे और हाथ में अहिंसा की लाठी लिए लाखों देशवासियों को लेकर आजादी की लड़ाई लड़ी, जिन्हें देखकर हिमालय की चोटी भी झुकती थी। दुनिया में ये अतुलनीय है। इन्होंने हिंसा को अहिंसा से और अन्याय को शान्तिमय सत्याग्रह से पराजित करने का अनोखा तरीका निकाला और इस प्रकार उन्होंने अत्याचारी ब्रिटिश शासन की मजबूत नींव हिला दी। 

6. जग में कोई जिया.. …………. साबरमती के संत 

भावार्थ : गांधी जी अपने सदकार्यों और महान आदर्शों के कारम महात्मा हो गए। इनके जीवन का उद्देश्य जनसेवा और सच्ची भुवन सेवा था। स्वदेशी,स्वतन्त्रता और विश्वबन्धुत्व के मंत्रदाता महात्मा गांधी ने हमें सत्य का मार्ग दिखाया है। अपने वतन के लिए सबकुछ लुटा दिया था, पर उन्होंने नवगठित सरकार में कोई भी पद ग्रहण नहीं किया। उन्होंने खुद कष्ट झेला, पर देशवासियों को स्वाधीनतारूपी अमृत प्रदान किया। इस महानुभाव की मृत्यु से सारा संसार अवाक रह गया। मानवता चीख उठी, किन्तु गाँधीजी मरकर भी अमर हो गए। 

अभ्यास माला 

सही विकल्प का चयन करो 

प्रश्न 1. ‘गांधी तेरी मशाल’ का किस अर्थ में प्रयोग हुआ है ? 

(क) गांधीजी का दीप 

(ग) गांधीजी का आश्रम 

(ख) गांधीजी की तलवार 

(घ) गांधीजी का आदर्श 

उत्तर : गांधीजी का आदर्श 

प्रश्न 2. स्वाधीनता से पहले भारत पर किसका शासन था ? 

(क) अंग्रेजों का 

(ख) फ्रांसीसियों का 

(ग) डचों का 

(घ) पुर्तगालियों का 

उत्तर : अंग्रेजों का 

प्रश्न 3. गांधी जी को प्यार से लोग क्या कहकर पुकारते थे ? 

(क) महात्मा 

(ख) बापू 

(ग) मोहन दास 

(घ) राष्ट्रपति 

उत्तर : बापू । 

प्रश्न 4. गांधीजी के ऊँचा मस्तक के सामने किसकी चोटी भी झुकती थी? 

(क) विध्यांचल की 

(ख) हिमालय की 

(ग) महाकाल की 

(घ) ताजमहल की 

उत्तर : हिमालय की। 

.पूर्ण वाक्य में उत्तर दो 

प्रश्न 5. ‘साबरमती के संत’ किसे कहा गया है ? 

उत्तर : महात्मा गांधी को ‘साबरमती के संत’ कहा गया है।

प्रश्न 6. गांधी जी ने क्या कमाल कर दिखाया ?

उत्तर : गांधीजी ने भारतवर्ष को अहिंसा नामक अस्त्र से अंग्रेजों की गुलामी से आजाद करके कमाल कर दिखाया। 

प्रश्न 7. महात्मा गांधी का वास्तविक हथियार क्या था ? 

उत्तर : महात्मा गांधी का सत्य और अहिंसा ही एकमात्र हथियार था । 

प्रश्न 8. गांधी जी ने लोगों को किस मार्ग पर चलना सिखाया ? 

उत्तर : गांधी जी ने लोगों को सत्य अहिंसा और प्रेम के मार्ग पर चलना सिखाया। 

संक्षिप्त उत्तर लिखो (लगभग 50 शब्दों में) 

प्रश्न 9. गांधी जी की संगठन शक्ति के बारे में तुम क्या जानते हो ? 

उत्तर : भारत से अंग्रेजों को भगाना बड़ा कठिन कार्य था, परन्तु गांधीजी ने इस कार्य को बड़ी आसानी से किया। उनमें गजब की संगठन शक्ति थी शरीर में मात्र धोती लपेटे और हाथ में लाठी लेकर जिधर से गुजरते लाखों मजदूर किसान, हिन्दु, मुस्लिम, सिक्ख, पठान सभी उनके पीछे चल पड़ते थे। सत्य और अहिंसा ही उनका एकमात्र अस्त्र था, जिसके बल पर शक्तिशाली अंग्रेजी जाति से उन्होंने टक्कर ली थी। 

प्रश्न 10. गांधीजी ने किस प्रकार अंग्रेजों से टक्कर लिया था ? 

उत्तर : गांधीजी अहिंसा, सत्य और प्रेम की प्रतिमा है। इन्हीं के अथक प्रयास से भारत को अंग्रेजों की दासता से मुक्ति मिली। भारत से अंग्रेजों को भगाना बड़ा कठिन कार्य था, परन्तु गांधीजी ने इस कार्य को बड़ी आसानी से किया। इन्होंने हिंसा को अहिंसा से और अन्याय को शान्तिमय सत्याग्रह से पराजित करने का अनोखा तरीका निकाला और उस प्रकार उन्होंने अत्याचारी ब्रिटिश शासन को मजबूत नींव हिला दी।

प्रश्न 11. प्रस्तुत गीत का सारांश अपने शब्दों में लिखो। 

उत्तर: ‘साबरमती के संत’ कवि एवं गीतकार प्रदीप का बहुचर्चित गीत है। इसमें राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के जीवनादर्शो पर प्रकाश डाला गया है। गांधी जी विलक्षण प्रतिभा के धनी महापुरुष थे। वे ऐसे अनोखे संत थे, जिन्होंने बिना हथियार और गोला-बारूद के ही देश को विदेशी शासन के चंगुल से मुक्त करा लिया। यह स्वाधीनता_भारतवासियों के लिए एक चमत्कार था और यह चमत्कार साबरमती के महान संत गाँधीजी ने कर दिखाया। भारत से अंग्रेजों को भगाना बड़ा कठिन कार्य था परन्तु गान्धीजी ने इस कार्य को बड़ी आसानी से किया। उनमे गजब की संगठन शक्ति थी। शरीर में मात्र धोती लपेटे और हाथ में लाठी लेकर जिधर से गुजरते लाखों देशवासी उनके पीछे चल पड़ते थे। सत्य और अहिंसा ही उनका एकमात्र अस्त्र था। जिसके बल पर शक्तिशाली अग्रेजी जाति से उन्होंने टक्कर ली थी। उनके प्रयास से देश आजाद हुआ, पर उन्होंने नवगठित सरकार में कोई भी पद ग्रहण नहीं किया। उन्होंने खुद कष्ट झेला, पर देशवासियों को स्वाधीनतारुपी अमृत प्रदान किया। उन्होंने पूरे विश्व को सत्य, अहिंसा और प्रेम का संदेश दिया है। 

प्रश्न 12. ‘साबरमती के संत’ गीत के आधार पर गाँधीजी के व्यक्तित्व पर एक संक्षिप्त लेख लिखो। 

उत्तर : हिमालय की ऊँचाई, महासागर की गहराई और आकाश की नील विस्तृति से इनका व्यक्तित्व निर्मित हुआ है। इनके अहिंसा में अटूट विश्वास, प्रेम में अडिग आस्था और सत्य के प्रति अविचल निष्ठा ने समस्त विश्व को आश्चर्यचकित कर दिया। इन्होंने हिंसा को अहिंसा से और अन्याय को शान्तिमय सत्याग्रह से पराजित करने का अनोखा तरीका निकाला और इस प्रकार उन्होंने अत्याचारी ब्रिटिश शासन की मजबूत नींव हिला दी। उनके प्रयास से देश आजाद हुआ, पर उन्होंने नवगठित सरकार में कोई भी पद ग्रहण नहीं किया। उन्होंने खुद कष्ट झेला, पर देशवासियों को स्वाधीनतारुपी अमृत प्रदान किया।

Sl. No.Contents
Chapter 1हिम्मत और जिंदगी
Chapter 2परीक्षा
Chapter 3बिंदु बिंदु विचार
Chapter 4चिड़िया की बच्ची
Chapter 5आप भोले तो जग भला
Chapter 6चिकित्सा का चक्कर
Chapter 7अपराजिता
Chapter 8मणि-कांचन संयोग
Chapter 9कृष्ण- महिमा
Chapter 10दोहा दशक
Chapter 11नर हो, न निराश करो मन को
Chapter 12मुरझाया फुल
Chapter 13गाँँव से शहर की ओर
Chapter 14साबरमती के संत
Chapter 15चरैवेती
Chapter 16टूटा पहिया
निबंध 

भाषा एवं व्याकरण ज्ञान

1. निम्नलिखित मूहाबरों से वाक्य बनाओ :

(क) चुटकी में : मेसी ने चुटकी से गोल कर डाला।

(ख) बड़े जोड़ का टक्कर : ब्राजिल और आर्जेन्तिना का खेल मे बड़े जोड़ का टक्कर हुआ।

(ग) पुराना उस्ताद : पुराना उस्ताद का खेल हमेशा सफलता प्राप्त करता है।

(घ) बिगुल बजाना : बिगुल बजाने पर सभी सेनाएँ युद्ध के लिए तैयार हुए।

(ङ) फूलो के सेज : गरीबी से लड़ते लड़ते हम फूलों के सेज का सपना देखना भुल गये।

2. निम्नलिखित शब्दों का बिलोभ शब्द लिखो 

उत्तर : अहिंसा – हिंसा ।

देश – विदेश ।

सत्य -असत्य 

अमृत – विष ।

पुराना –नया । 

दुश्मन – मित्र ।

आजादी – पराधीनता । 

मुश्किल – आसानी ।

गुरु) – शिष्य ।

मिशाल – बेमिशाल । 

3. पठित कविता में प्रयुक्त बेजोड़, बेमिशाल और बेताज शब्द अरबी भाषा के शब्द हैं। तुम भी बे उपसर्ग लगाकर अन्य दस शब्द बनाओ।

उत्तर : बेलगाम, बेहिसाब, बेसुध, बेखटक, बेगुनाह, बेईमान, बेहोश, बेघर, बेचैन, बेसमझ।

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