SEBA Class 9 Hindi (Elective) Solution| Chapter-12| मुरझाया फुल

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SEBA Class 9 Hindi (Elective) Solution| Chapter-12| मुरझाया फुल

SEBA Class 9 Hindi (Elective) Solution| Chapter-12| मुरझाया फुल ये उत्तर संबंधित विषयों के अनुभवी प्रोफेसरों द्वारा सावधानीपूर्वक तैयार किए जाते हैं। उनका उद्देश्य छात्रों को विषय की उचित समझ में मदद करना और उनके कौशल और अभिव्यक्ति की कला में सुधार करना है। यदि ये उत्तर उन उद्देश्यों को पूरा करते हैं जिनके साथ वे तैयार किए गए हैं, तो हम अपने प्रयास को पर्याप्त रूप से पुरस्कृत मानेंगे। इन उत्तरों में और सुधार के लिए किसी भी सुझाव का हमेशा स्वागत है।

-महादेवी वर्मा 

मूलभाव :प्रस्तुत कविता में छायावादी कवियित्री महादेवी वर्मा जी ने कली के खिलकर फूल बनने से लेकर मुरझाते हुए भूमि पर गिरने तक का एक आकर्षक वर्णन किया है। कली और खिले फूल के प्रति सभी आकर्षित होते हैं, जबकि मुरझाए फूल के प्रति उनका कोई आकर्षण नहीं रहता। यह संसार की स्वार्थपरता है परंतु इससे बेखबर रहकर फूल अपना सर्वस्व दान करते हुए सबको हरपाता देता है। यहां कवयित्री ने प्रकारोत्तर से मानव जीवन की बात करते हुए महत्वपूर्ण संदेश दिया है। 

अभ्यास माला 

बोध एवं विचार 

सही विकल्प का चयन करो 

प्रश्न 1. कवयित्री महादेवी वर्मा की तुलना की जाती है। 

(क) सुभद्रा कुमारी चौहान के साथ 

(ख) मीराबाई के साथ 

(ग) उषा देवी मित्रा के साथ 

(घ) मन्नू भंडारी के साथ 

उत्तर : मीराबाई के साथ 

प्रश्न 2. कवयित्री महादेवी वर्मा का जन्म हुआ था ? 

(ख) हैदराबाद में 

(क) गाजियाबाद में 

(ग) फैजाबाद में 

(घ) फर्रुखाबाद में 

उत्तर : फर्रूखाबाद में। 

प्रश्न 3. महादेवी वर्मा की माता का नाम क्या था ? 

(क) हेम रानी वर्मा 

(ख) पद्मावती वर्मा 

(ग) फूलमती वर्मा 

(घ) कलावती वर्मा 

उत्तर : हेमरानी वर्मा 

प्रश्न 4. ‘हास्य करता था,. …अंक में तुझको पवन’। 

(क) खिलाता 

(ख) हिलाता 

(ग) सहलता 

(घ) सुलाता

उत्तर : खिलाता 

प्रश्न 5. ‘यत्न माली का रहा……. से भरता तुझे ‘ ।

(क) प्यार 

(ख) आनंद 

(ग) सुख 

(घ) धीरे 

उत्तर : आनंद।

प्रश्न 6. करतार ने धरती पर सबको कैसा बनाया है? 

(क) सुंदर 

(ख) त्यागमय 

(ग) स्वार्थमय 

(घ) निर्दय 

उत्तर : स्वार्थमय 

● ‘हाँ’ या ‘नहीं’ में उत्तर दो  

प्रश्न 7. छायावादी कवयित्री महादेवी वर्मा रहस्यवादी कवयित्री के रुप में भी प्रसिद्ध हैं। 

उत्तर : हाँ। 

प्रश्न 8. महादेवी वर्मा के माता-पिता उदार विचारवाले नहीं थे। 

उत्तर : नहीं। 

प्रश्न 9. महादेवी वर्मा ने जीवन भर शिक्षा और साहित्य की साधना की। 

उत्तर : हाँ। 

प्रश्न 10. वायु पंखा झल कर फूल को सुख पहुँचाती रहती है। 

उत्तर : हाँ। 

प्रश्न 11. मुरझाए फूल की दशा पर संसार को दुख नहीं होता।

 उत्तर : हाँ 

पूर्ण वाक्य में उत्तर दो 

प्रश्न 12. महादेवी वर्मा की कविताओं में किनके प्रति विरहानुभूति की तीव्रता परिलक्षित होती है। 

उत्तर : महादेवी वर्मा की कविताओं में सर्वव्यापी परम सत्ता के प्रति विरहानुभूति की तीव्रता परिलक्षित होती है।

 प्रश्न 13. महादेवी वर्मा का विवाह कब हुआ था ? 

उत्तर : महादेवी वर्मा का विवाह छठी कक्षा तक शिक्षा प्राप्त करने के बाद हुआ था। 

प्रश्न 14. महादेवी वर्मा ने किस रूप में अपने कर्म जीवन का श्रीगणेश किया था ? 

उत्तर महादेवी वर्मा ने प्रयाग महिला विद्यापीठ की प्राचार्य के रूप अपने कर्म- जीवन का श्रीगणेश किया था। 

प्रश्न 15. फूल कौन-सा कार्य करते हुए भी हरषाता रहता है ?  

उत्तर : इस संसार की स्वार्थपरता से बेखबर होते हुए भी फूल अपना सर्वस्व दान करके सबको हरपाता रहता है। 

प्रश्न 16. भ्रमर फूल पर क्यों मँडराने लगते हैं? 

उत्तर: भ्रमर फूल पर मधु प्राप्त करने के लिए मंडराने लगते हैं। 

• अति संक्षिप्त उत्तर दो ( लगभग 25 शब्दों में) 

प्रश्न 17. किन गुणों के कारण महादेवी वर्मा की काव्य-रचनाएँ हिन्दी- पाठकों को विशेष प्रिय रही हैं ? 

उत्तर : ‘आधुनिक युग की मीराँ’ नाम से ख्यात महादेवी वर्मा की काव्य- रचनाओं में सर्वव्यापी समरसत्ता के प्रति विरहानुभूति की तीव्रता परिलक्षित होती है। उन्होंने अपने काव्यों को व्यक्तिगत दुःख की अभिव्यक्ति में सीमित न रखकर उसे लोक-कल्याणकारी करुणा भाव से जोड़ दिया है। इन्ही कारणों से पाठकों की विशेष प्रिय रही है।

प्रश्न 18. महादेवी वर्मा की प्रमुख काव्य रचनाएँ क्या-क्या है ? किस कव्य- संकलन पर उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ था? 

उत्तर : महादेवी वर्मा की प्रमुख काव्य रचनाएँ इस प्रकार हैं-‘नीहार’ ‘रश्मि’ ‘नीरजा’ ‘संध्यागीत’ ‘दीपशिखा’ और ‘यामा 

‘यामा’ काव्य-संकलन पर उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ था । 

प्रश्न 19. फूल किस स्थिति में धरा पर पड़ा हुआ है ? 

उत्तर : फूल शुष्क रूप में बिखरकर धरती पर सो रहा है। इस संसार की स्वार्थपरता से बेखबर वह गंधहीन, कोमलताहीन तथा मुख-मुजुं मुरझाया हुआ- सा धरा पर पड़ा हुआ है। 

प्रश्न 20. खिले फूल और मुरझाए फूल के साथ पवन के व्यवहार में कौन- सा अंतर देखने को मिलता है ? 

उत्तर : खिले हुए फूल को पवन अपने गोद में लेकर प्यार से झूलाता है। लेकिन मुरझाए फूल को पवन अपने तीव्र झोकों से तहस-नहस कर देता है। 

• संक्षिप्त उत्तर दो ( लगभग 50 शब्दों में )

प्रश्न 21. महादेवी वर्मा की साहित्यिक देन का उल्लेख करो ? 

उत्तर : महादेवी वर्माजी ने गद्य और पद्य दोनों शैलियों में साहित्य की रचना की है। उनकी प्रमुख काव्य रचनाएँ हैं- नीरजा, नीहार, रश्मि, सांध्यगीत, दीपशिखा और यामा। पद्मश्री उपाधि से सम्मानित महादेवी वर्मा को ‘यामा’ काव्य- संकलन पर ‘ज्ञानपीठ’ पुरस्कार प्राप्त हुआ था। उनकी गद्य रचनाओं में स्मृति की रेखाएँ, अतीत के चलचित्र, श्रंखला की कड़ियाँ और पथ के साथी विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। आपकी काव्य-भाषा संस्कृत-निष्ठ खड़ीबोली है। 

प्रश्न 22. खिले फूल के प्रति किस प्रकार सब आकर्षित होते हैं, पठित कविता के आधार पर वर्णन करो। 

उत्तर: खिले फूल के प्रति पवन, भौरा, चन्द्रमा, माली सभी आकर्षित होते हैं। फूल के खिलते ही पवन अपनी गोद में लेकर प्यार करता है तथा भ्रमर लुब्य मधु पान करने को उतावला हो फूलों के आस-पास मंडराने लगता हैं। चन्द्रमा 97 अपनी स्निग्ध चाँदनी से फूलों को हंसाती है। ओस की बूँदे मोतियों के समान उसे श्रृंगार करती थी। माली भी खिले फूल को यत्न से सँवारता था। 

प्रश्न 23. ‘मुरझाया फूल’ शीर्षक कविता में फूल के बारे में क्या-क्या कहा गया है। 

उत्तर : मुरझाया फूल शीर्षक कविता में कवयित्री महादेवी वर्मा ने कली के खिलकर फूल बनने से लेकर मुरझाते हुए भूमि पर गिरने तक का आकर्षक वर्णन किया है। कली और खिले फूल के प्रति सब आकर्षित होते हैं। जबकि मुरझाए फूल के प्रति उनका कोई आकर्षण नहीं रहता। यह संसार की स्वार्थपरता है। परन्तु इससे बेखबर रहकर फूल अपना सर्वस्व दान करते हुए सबको हरयाता जाता है। भ्रमर को मधु पान कराता है अपनी सौरभ से जग को आकर्षित करता है। 

• प्रसंग सहित व्याख्या करो (लगभग 100 शब्दों में ) : 

प्रश्न 24. स्निग्ध किरणें चन्द्र की…… श्रृंगारती थी सर्वदा। 

संदर्भ प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य पुस्तक के आलोक से ‘मुरझाया फूल’ नामक पाठ से लिया गया है इसके रचयिता महादेवी वर्मा जी है। 

प्रसंग : इस पंक्ति में महादेवी वर्मा ने खिले फूलों पर चन्द्रमा की शीतल छाया और ओस की बूंदों से श्रृंगार करने की बात कही है। 

व्याख्या: कली से जब खिलकर फूल बनते ही चन्द्रमा अपनी चांदनी से उसे हँसाती मोती के समान ओस की बूँदै भी उसकी श्रृंगार करती है। अर्थात सुन्दर फूल को चाहने वाला भी अनेक है। और फूल भी अपना जीवन अपने चाहने वालों के लिए समर्पण करता है। उसी प्रकार मानव जीवन भी कुछ पलों के लिए ही सबको खुशियाँ देता है। फूल की तरह ही उसका अंत ऐसा ही होता है।

भाषा एव व्याकरण ज्ञान

1. निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग करो : 

उत्तर : (क) श्रीगणेश करना : (स्थापित करना) आज रघु ने अपने महल का आधारशिला का श्रीगणेश किया। 

(ख) आँखों का तारा (प्यारा): मीना अपने माँ-बाप के आँखों का तारा हैं। 

(ग) नौ-दो-ग्यारह होना (भाग जाना): पुलिस आने से पहले लड़के नौ दो ग्यारह हो गया। 

(घ) हवा से बाते करना (बेकार बाते करना) : आलसी होकर हवा से बात करने से लाभ क्या होगा? 

(ङ) अंधे की लकड़ी (एकमात्र सहारा) : मीरा अपने नाना-नानी के अंधे की लकड़ी जैसी हैं।

(च) लकीर का फकीर होना (पूरानी रीतिपर चलना) : आजकल के दुनिया में लकीर का फकीर नही होना चाहिए।

2. निम्नांकित काव्य-पंक्तियों को गद्य रुप में प्रस्तुत करो

(क) खिल गया जब पूर्ण तू, उत्तर : तू जव पूरा खिल गया

मंजूल सुकोमल फूल बन । सुन्दर फूल होकर भ्रमर उड़ने लगे।

लुब्ध मधु के हेतु मँडराने लगे, उड़ते भ्रमर ।।

मधु पिने के लिये

(ख) जिस पवन ने अंक में उत्तर : एकदिन हवा ने ले प्यार था तुझको किया। 1 तीव्र झोंके से सुला)

तुझे गोह मे लिया था आज उसी हवा ने तुझे

उसने तुझे भू पर दिया।। पेड़ से गिरा दिया। 

Sl. No.Contents
Chapter 1हिम्मत और जिंदगी
Chapter 2परीक्षा
Chapter 3बिंदु बिंदु विचार
Chapter 4चिड़िया की बच्ची
Chapter 5आप भोले तो जग भला
Chapter 6चिकित्सा का चक्कर
Chapter 7अपराजिता
Chapter 8मणि-कांचन संयोग
Chapter 9कृष्ण- महिमा
Chapter 10दोहा दशक
Chapter 11नर हो, न निराश करो मन को
Chapter 12मुरझाया फुल
Chapter 13गाँँव से शहर की ओर
Chapter 14साबरमती के संत
Chapter 15चरैवेती
Chapter 16टूटा पहिया
निबंध 

3. लिंग निर्धारण करो: 

कली – स्त्रीलिंग पुंलिंगशैशव –

किरण– स्त्रीलिंग वायु —स्त्रीलिंग कोमलता – स्त्रीलिंग) दशा – स्त्रीलिंग 

सौरभ—पुंलिंग

माली (भानी)–पुंलिंग

फुल –पुंलिंग। 

4. वचन परिवर्तन करो : 

उत्तर : भौंरा –भौरे किरणें–किरण

अठखेलियाँ –अठखेली झोंके–झोंका

चिड़िया –चिड़ियाँ

रेखाएँ –रेखा बात–बातें 

कली – कलियाँ

5. लिंग परिवर्तन करो :

उत्तर : कवयित्री – कवि:

प्रियतम (প্রिয়তম) –प्रियतमा (প্রিয়তমা)

पिता –माता 

पुरुष – महिला प्राचार्या—प्राचार्य

माली– मालीन देव–देवी

मोरनी –मोर।

6. ‘कार’ शब्दांश पूर्व आ, वि, प्र, उप, अप और प्रति उपसर्ग जोरकर शब्द बनाओ :

उत्तर : अ (अ) + कार (कान)

= अकार = विकार (विकास) वि (वि) + कार 

उप्र)+ कार= प्रकार 

उप + कार = उपकार अप + कार= अपकार

प्रति + कार = प्रतिकार

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