SEBA Class 9 Hindi (Elective) Solution| Chapter-2| परीक्षा

SEBA Class 9 Hindi (Elective) Solution| Chapter-2| परीक्षा , The answer of each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapter NCERT Solutions Class 9 Hindi (Elective) आलोक ( भाग 1 ) Notes . Also you can read NCERT book online in this sections Solutions by Expert Teachers as per NCERT (CBSE) Book guidelines. These solutions are part of NCERT Hindi (Elective) Solutions. Here we have given Class 9 NCERT आलोक ( भाग 1 ) Text book Solutions for आलोक ( भाग 1 ) SEBA Class 9 Hindi (Elective) Solution| Chapter-2| परीक्षा You can practice these here.

SEBA CLASS 9 QUESTION ANSWER

SEBA CLASS 9 QUESTION ANSWER (ASSAMESE MEDIUM)

SEBA CLASS 9 QUESTION ANSWER (BANGLA MEDIUM)

SEBA CLASS 9 QUESTION ANSWER (ENGLISH MEDIUM)

SEBA Class 9 Hindi (Elective) Solution| Chapter-2| परीक्षा

SEBA Class 9 Hindi (Elective) Solution| Chapter-2| परीक्षा ये उत्तर संबंधित विषयों के अनुभवी प्रोफेसरों द्वारा सावधानीपूर्वक तैयार किए जाते हैं। उनका उद्देश्य छात्रों को विषय की उचित समझ में मदद करना और उनके कौशल और अभिव्यक्ति की कला में सुधार करना है। यदि ये उत्तर उन उद्देश्यों को पूरा करते हैं जिनके साथ वे तैयार किए गए हैं, तो हम अपने प्रयास को पर्याप्त रूप से पुरस्कृत मानेंगे। इन उत्तरों में और सुधार के लिए किसी भी सुझाव का हमेशा स्वागत है।

पाठ 2

कवि परिचय मुंशी प्रेमचंद : 

जिस प्रकार कविता के क्षेत्र में तुलसी दासजी ने जनमानस को आकर्षित किया है उसी प्रकार उपन्यास और कहानी के क्षेत्र में प्रेमचंद जी ने अपने अभूतपूर्व उपन्यासों की रचना के जरिए प्रत्येक वर्ग के पाठक को मंत्रमुग्ध कर देने के साथ ही साहित्य को समृद्ध किया। उन्हें उपन्यास सम्राट की उपाधि प्राप्त है। किन्तु वे जितने बड़े उपन्यासकार थे उतने बड़े कहानीकार भी थे। 

मुंशी प्रेमचंद जी का जन्म 31 जुलाई, 1880 को बनारस के लहमी गाँव में हुआ था। उनका मूल नाम धनपत राय था। 8 अक्टूबर 1936 को इस महान कथाकार का देहान्त हो गया। 

प्रेमचंद की कहानियाँ मानसरोवर के आठ भागों में संकलित है। सेवासदन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, कायाकल्प, निर्मला, गबन, कर्मभूमि, गोदान उनके प्रमुख उपन्यास हैं। उन्होंने हंस, जागरण, माधुरी आदि पत्रिकाओं का संपादन भी किया। प्रेमचंद की साहित्य मूलतः समाज सुधार और राष्ट्रीय भावना से प्रेरित है।

अभ्यास माला

पूर्ण वाक्य में दो 

प्रश्न  1. ‘परीक्षा’ कहानी किस पद लिए परीक्षा ली गई ? 

उत्तर: दीवान पद के लिए परीक्षा ली गई है।

प्रश्न  2. दीवान साहब समझ क्या श रखी गई? 

उत्तर : दीवान साहब के समक्ष यह शर्त रखी गई कि रियासत के लिए नया

दीवान उन्ही को खोजना पड़ेगा।

प्रश्न 3. ‘परीक्षा’ कहानी में उम्मीदवार कौन-सा सामूहिक खेल खेलते हैं ? 

उत्तर: परीक्षा कहानी के उम्मीदवार हॉकी का खेल सामूहिक रूप से खेलते हैं।

शन 4. दीवान के पद लिए किसका चयन किया गा ? 

उत्तर : दीवान के पद के लिए पंडित जानकीनाथ का चयन किया गया।

संक्षिप्त उत्तर दो (लगभग 25 शब्दों में )

प्रश्न 5. दीवान सुजानसिंह ने महाराज से क्या प्रार्थना की ? क्यों ?  

उत्तर : दीवान सुजानसिंह ने महाराज से प्रार्थना की थी कि अब वे परमात्मा की सेवा करना चाहते हैं। अब उनमें राजकाज संभालने की शक्ति नहीं है। चालीस साल तक राज्य की सेवा की अब उनकी उम्र ज्यादा हो गयी है। कहीं भूल- चूक हो गयी तो बुढ़ापे में दाग लग जाएगी सारी जिन्दगी की सुनाम मिट्टी में मिल जाएगी। 

प्रश्न 6. उम्मीदवार विभिन्न प्रकार के अभिनय कैसे और क्यों कर रहे थे ? 

उत्तर : प्रत्येक उम्मीदवार अपने जीवन को अपनी बुद्धि के अनुसार अच्छे रूप में दिखाने की कोशिश करते हैं। किसी तरह दीवान का पद उन्हें ही मिले। इसलिए हर कोई अपने को अच्छा साबित करने के लिए नम्र और सदाचारी दिखाने का प्रयास कर रहा था। कोई धर्म निष्ठा का पाठ पढ़ रहा है। कोई बड़े-बड़े धर्म- ग्रन्थ पढ़ने में डूबे हैं। कोई बगीचे में टहलते उषा के दर्शन करते थे। वास्तव में यह सब इनके विचारों के विपरीत है और ये सब दिखावा इसलिए कर रहे है कि किसी प्रकार यह पद उन्हें मिल जाए, फिर कौन पूछता है उन्हें । 

प्रश्न 7. एक उम्मीदवार ने गाड़ीवाले की मदद कैसे की ? 

उत्तर : एक उम्मीदवार जो खुद जख्मी था उस नाले के पास से जा रहा था। उसने एक किसान के अनाज से भरे गाड़ी को कीचड़ में फँसा हुआ देखा। वह उम्मीदवार उस किसान के पास आकर कहा मालूम होता है तुम यहाँ बड़ी देर से फँसे हुए हो। अच्छा तुम गाड़ी में जाकर बैलों को साधों में पहियों को ढकेलता हूँ। युवक ने पहियों को जोर लगाकर खिसकाया। कीचड़ बहुत ज्यादा था पर उसने हिम्मत न हारी, उसने पूरी ताकत से जोर लगाया। किसान ने भी बैलों को ललकारा। इस प्रकार युवक ने हिम्मत से गाड़ीवाले की मदद की।

प्रश्न 8. किसान ने अपने मददगार युवक से क्या कहा? उसका क्या अर्थ থা? 

उत्तर : किसान ने अपने मददगार युवक से कहा गहरे पानी में पैठने से मोती मिलता है। इसका अर्थ है, मोतियों के इच्छुक को समुद्र के गहरे जल में प्रवेश करना पड़ता है। जो समुद्र की गहराई में उतरने से डरता है, उसे मोतियों की प्राप्ति नहीं हो सकती। इन मोतियों को समुद्र की गहराई से वही व्यक्ति निकाल सकता है जो साहसी, पराक्रमी और जिसमें आत्मबल का भरोसा हो जो विपत्ति में जूझ सकता है। समुद्र की लहरों में गोते खा सकता है। ऐसे निडर व्यक्ति ही सागर की गहराई से मोती ला सकता है। जीवन में सफल होने के लिए दृढ़ संकल्प तथा कठोर परिश्रम की आवश्यकता होती है। वास्तव में खोजने के पीछे हममें दृढ़ इच्छा शक्ति तथा कर्तव्यपरायणता होनी चाहिए। 

प्रश्न 9. सुजानसिंह ने उम्मीदवारों की परीक्षा कैसे ली ? 

उत्तर : सुजानसिंह ने उम्मीदवारों की परीक्षा लेने के लिए खुद एक गरीब किसान के रूप में अनाज से भरी हुई गाड़ी लेकर उस नाले के पास गया जहाँ उम्मीदवार हाँकी खेल रहे थे। कीचड़ से भरे नाले में गाड़ी फँस गया था और दीवान जी देखना चाहते हैं कि इन उम्मीदवारों में से किसके हृदय में दया और उदारता है और कौन उस किसान की गाड़ी को कीचड़ से निकालने में सहायता कहता है।

प्रश्न 10. पं. जानकीनाथ में कौन-कौन से गुण थे? 

उत्तर : पं. जानकीनाथ में दया, साहस, उदार, आत्मबल, दृढ़ संकल्प, स्थिर चित्त आदि गुण थे। 

प्रश्न 11. सुजानसिंह के मतानुसार दीवान में कौन-कौन से गुण होने चाहिए ? 

उत्तर : सुजानसिंह के मतानुसार दीवान में निम्नलिखित गुण होना चाहिए। उसके हृदय में दया हो और साथ ही साथ आत्मबल भी । हृदय वही है, जो उदार हो, आत्मबल वही है जो आपत्ति का वीरता के साथ सामना करे। जो गरीबों को कभी न सताए उसका संकल्प दृढ़ होगा जिसका चित्त स्थिर रहेगा।

सप्रसंग व्याख्या करो (लगभग 100 शब्दों में )

प्रश्न 12. लेकिन, मनुष्य का वह बूढ़ा जौहरी आड़ में बैठा हुआ देख रहा था कि इन बगुलों में हंस कहाँ छिपा है ।

उत्तर : संदर्भ प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य पुस्तक आलोक से ‘परीक्षा’ नामक पाठ से ली गयी है। इसके रचयिता मुंशी प्रेमचंद जी हैं।

प्रसंग इस कहानी के माध्यम से प्रेमचंद ने अफसर या अधिकारी के चयन – में विद्वता के अतिरिक्त दया, परोपकार की भावना, कर्तव्य परायणता जैसे सद्गुणों पर अधिक बल दिया है।

व्याख्या – बगुला देखने में तो बहुत सीधा-साधा लगता है। सरोवर में आँख मूँद कर ऐसे खड़ा रहता है जैसे उसे कुछ दिखता ही नहीं, कुछ जानता ही नहीं पर उसकी नजरें तो मछली पर रहती है। उसकी नजरों से मछली बच नहीं पाती। इस प्रकार वह पाखण्डी मछली मारकर खा जाता है और यहाँ दीवान जी उन उम्मीदवारों को परख रहे हैं जो पाखण्डी बन कर अपने को नम्र, उदार और शालीन व्यवहार से दीवान जी का दिल जीतना चाहते हैं, पर दीवान जी तो उन पाखण्डीयों के बीच से उस हंस को खोज रहे हैं जो हंस के समाज स्वच्छ और निर्मल हो ।

प्रश्न 13. गहरे पानी में बैठने से मोती मिलता है। 

उत्तर : संदर्भ प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य पुस्तक आलोक से ‘परीक्षा’ नामक पाठ से ली गयी हैं। इसके रचयिता मुंशी प्रेमचंद जी हैं।

प्रसंग वास्तव में खोजने के पीछे हममें दृढ़ इच्छा शक्ति तथा कर्तव्यपरायणता होनी चाहिए। हमें कोई चीज केवल हमारे मनोरथ से ही प्राप्त नहीं होती, अपितु उसके लिए सतत कठिन प्रयास करना पड़ता है।

व्याख्या – लेखक कहते हैं मोतियों के इच्छुक को समुद्र के गहरे जल में प्रवेश करना पड़ता है जो समुद्र की गहराई में उतरने से डरता है, उसे मीतियों | को प्राप्ति नहीं हो सकती। जिनमें आत्मबल का भरोसा है, समुद्र की लहरों से निडर होकर जूझ सकता है जिसे सागर में डूबने का डर न हो वही समुद्र की गहराई में जाकर मोती चुनकर ला सकता है। उसी प्रकार पुरुषार्थी घोर विपत्तियों में भी विचलित नहीं होते। इस संसार में जितने महापुरुष हुए हैं सबने अपनी अभिलाषाओं की पूर्ति के लिए कठोर परिश्रम किया है। 

Sl. No.Contents
Chapter 1हिम्मत और जिंदगी
Chapter 2परीक्षा
Chapter 3बिंदु बिंदु विचार
Chapter 4चिड़िया की बच्ची
Chapter 5आप भोले तो जग भला
Chapter 6चिकित्सा का चक्कर
Chapter 7अपराजिता
Chapter 8मणि-कांचन संयोग
Chapter 9कृष्ण- महिमा
Chapter 10दोहा दशक
Chapter 11नर हो, न निराश करो मन को
Chapter 12मुरझाया फुल
Chapter 13गाँँव से शहर की ओर
Chapter 14साबरमती के संत
Chapter 15चरैवेती
Chapter 16टूटा पहिया
निबंध 

प्रश्न 14. उन आँखों में सत्कार था और इन आँखों में ईर्ष्या ।

उत्तर: संदर्भ प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य पुस्तक आलोक से ‘परीक्षा’ नामक पाठ से ली गयी हैं। इसके रचयिता मुंशी प्रेमचंद जी है। 

प्रसंग लेखक कहते हैं सच्चे अर्थों में मनुष्य केवल विद्या और ऊँची उपाधियों से – महान नहीं होता, बल्कि उसके हृदय में संचित प्रेम-भावना ही उसे महान बनाती है।

व्याख्या पं. जानकीनाथ का दीवान पद के लिए चयन किया गया तथा जब सुजानसिंह उनकी प्रशंसा कर रहे थे कि ऐसे गुणवाले संसार में कम होते हैं और जो हैं वे कीर्ति और मान के शिखर पर बैठे हुए हैं। उन तक हमारी पहुँच ही नहीं। मैं रियासत को पंडित जानकीनाथ सा दीवान पाने पर बधाई देता हूँ। जो पुरुष स्वयं जख्मी होने पर एक गरीब किसान की भरी हुई गाड़ी को दलदल से निकालकर नाले के ऊपर चढ़ाए, उसके हृदय में साहस, आत्मबल और उदारता का निवास है। ऐसा आदमी गरीबों को कभी न सताएगा। उसका संकल्प दृढ़ है। यह सब सुनकर रियासत के कर्मचारियों और रईस व्यक्तित्यों की आंखों में सर्व गुणों से सम्पन्न पं. जानकीनाथ के लिए सम्मान था और जिन उम्मीदवारों को यह पद नहीं मिला उनकी आँखों में नफरत और ईर्ष्या थी। 

किसने किससे कहा, लिखो :

प्रश्न 15. कहीं भूल चूक हो जाए तो बुढ़ापे में दाग लगे, सारी जिंदगी की नेकनामी मिट्टी में मिल जाए। 

उत्तर: दीवान जी ने देवगढ़ के महाराज से कहा था।

प्रश्न 16. मालूम होता है, तुम यहाँ बड़ी देर से फँसे हुए हो ।

उत्तर : पं. जानकीनाथ ने दीवान जी से कहा था।

प्रश्न 17. नारायण चाहेंगे तो दिवानी आपको ही मिलेगी। 

उत्तर: दीवान जी ने पं. जानकीनाथ को कहा था।

भाषा एवं व्याकरण ज्ञान 

प्रश्न 18. नीचे लिखी संज्ञाओं में जातिवाचक, व्यक्तिवाचक और भाववाचक संज्ञाएँ पहचानो । 

देवगढ़, शक्ति, दीवान, जानकीनाथ, सादगी, अंगरखे, हंस, पुल, दया, शिखर, नारायण, खिलाड़ी। 

जातिवाचक व्यक्तिवाचक भाववाचक 
दीवान,
हंस, 
खिलाड़ी,
देवगढ़,
जानकी,नाथ,
नारायण,शिखर, हंस
शक्ति,
सादगी, 
अंगरखे, दबा 

प्रश्न 19. ‘अनुभवशील’ शब्द में ‘अनुभव’ तथा ‘शील’ शब्दों का योग है। इसका अर्थ है अनुभवी । ‘शील’ प्रत्यय लगाकर पाँच शब्द बनाओ। 

उत्तर गतिशील, प्रगतिशील, प्रयत्नशील, आत्मनिर्भरशील, उन्नतशील 

प्रश्न 20. निम्नलिखित वाक्यों को कोष्ठक में दी गई सूचना के अनुसार परिवर्तित करो- 

(क) खिलाड़ी लोग बैठे दम ले रहे थे (सामान्य वर्तमान) 

खिलाड़ी लोग बैठ कर दम ले रहे हैं। 

(ख) लम्बा आदमी सामने खड़ा है। (पूर्ण भूतकाल ) 

लम्बा आदमी सामने खड़ा था। 

(ग) ऐसे गुणवाले संसार में कम होते हैं। (सामान्य भविष्य ) 

ऐसे गुणवाले संसार में कम होंगे। 

प्रश्न 21. नीचे लिखे शब्दों में संधि करो- 

प्रश्न + उत्तर, गण + ईश, वीर इंद्र, सूर्य उदय, यथा + इच्छा । 

उत्तर प्रश्न + उत्तर = प्रश्नोत्तर 

गण + ईश = गणेश 

वीर + इंद्र वीरेन्द्र

सूर्य + उदय = सूर्योदय 

यथा + इच्छा = यथोच्छा 

प्रश्न 22. विलोम शब्द लिखो सज्जन, उपस्थित, उपयुक्त, अपकार 

उत्तर : सज्जन = दुर्जन 

उपयुक्त अनुपयुक्त

उपस्थित- अनुपस्थित 

अपकार = उपकार

Leave a Reply