SEBA Class 9 Hindi (MIL) Solution| Chapter-16|पिपलांत्री : एक आदर्श गाँव

SEBA Class 9 Hindi (MIL) Solution| Chapter-16|पिपलांत्री : एक आदर्श गाँव The answer of each chapter is provided in the list so that you can easily browse throughout different chapter NCERT Solutions Class 9 Ambhar Bhag-1 and select needs one. Also you can read NCERT book online in this sections Solutions by Expert Teachers as per NCERT (CBSE) Book guidelines. These solutions are part of NCERT Hindi (MIL) Solutions. Here we have given Class 9 NCERT Ambhar Bhag-1 Text book Solutions for Ambhar Bhag-1 You can practice these here. SEBA Class 9 Hindi (MIL) Solution| Chapter-16|पिपलांत्री : एक आदर्श गाँव

SEBA CLASS 9 QUESTION ANSWER (ENG. MEDIUM)

SEBA Class 9 Hindi (MIL) Solution| Chapter-16|पिपलांत्री : एक आदर्श गाँव

पिपलांत्री : एक आदर्श गाँव 

लेखक परिचय ज्योतिप्रसाद बुढ़ागोहाँई

ज्योतिप्रसाद बुढ़ागोहाँई पेशे से पत्रकार हैं। इनका जन्म धेमाजी जिले के विषय माछखोवा तहसील के बरबाम गाँव में हुआ। स्थानीय विद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने के बाद ज्योतिप्रसाद ने धेमाजी महाविद्यालय से समाजशास्त्र विषय में एम.ए. की डिग्री हासिल की है। धेमाजी के मरितल महाविद्यालय में ठेके पर दो वर्षों तक आपने अध्यापन कार्य किया। वर्तमान समय में ज्योतिप्रसाद बुढ़ागोहाँई असम के प्रसिद्ध असमीया दैनिक समाचार पत्र ‘आमार असम’ के वरिष्ठ उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं। समाचार पत्र में इनके कई लेख प्रकाशित हो चुके हैं।

सारांश

‘पिपलांत्री: एक आदर्श गाँव’ नामक पाठ रिपोर्ट शैली में लिखा गया एक प्रेरणास्पद निबंध है। इसमें राजस्थान के एक समस्याग्रस्त साधारण गाँव के प्रगति करने और देश के एक आदर्श गाँव में चमकने का वर्णन है।

पिपलांत्री जयपुर से 350 कि.मी. दूर बसा एक गाँव है। यह गाँव कभी प्रदूषण एवं जलाभाव जैसी समस्याओं से ग्रस्त था। परन्तु जब से श्यामसुन्दर पालीवाल ने गाँव के प्रधान का दायित्व संभाला, तब से पिपलांत्री गाँव का कायापलट हो गया। वहाँ तरह-तरह की विकास योजनाएँ शुरू हो गईं। गाँववासियों ने भी जमकर परिश्रम किया तथा विभिन्न अवसरों पर वृक्षारोपण कार्यक्रम ने गाँव की स्थिति सुधार दी। सन् 2005 से 2010 तक गाँव के मुखिया के रूप में कार्य करके श्यामसुन्दर पालीवाल द्वारा किए गए अनूठे एवं एकल प्रयास ने गाँव को एक नया जीवन प्रदान किया। उन्होंने प्रत्येक गाँववासियों को चार दायित्व सौंपे तथा सबने ईमानदारीपूर्वक अपने दायित्वों का पालन किया। उनके प्रयास से गाँव हरा-भरा हो गया, खेतों की उर्वराशक्ति बढ़ गई तथा भूजल-स्तर में बढ़ोत्तरी होने से कृषि पैदावार में वृद्धि हो गई।

पिपलांत्री गाँव में 8000 से भी अधिक लोग रहते हैं। वहाँ लड़की के जन्म पर 111 पेड़ लगाने तथा उसके नाम से 31,000 रुपये बैंक में सावधि जमा के रूप में जमा किए जाते हैं। गाँव में तरह-तरह के पक्षियों को उन्मुक्त विचरण करते हुए देखने के लिए सैलानी आते हैं। अनेक विदेशी सैलानी भी आने लगे हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री तथा अन्य मंत्रीगण पिपलांत्री गाँव का दौरा कर चुके हैं। गाँव को अनेक राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्रदान किए गए हैं। यूट्यूब, फेसबुक आदि पर पिपलांत्री गाँव के बारे में तमाम जानकारियाँ उपलब्ध हैं। राजस्थान में सातवीं एवं आठवीं कक्षा की पुस्तकों में पिपलांत्री गाँव के बारे में पाठ शामिल किए गए हैं। गाँव के विकास के लिए बहुत सारी योजनाएँ चल हैं। यदि पिपलांत्री गाँव के आदर्शों को अपनाया जाए तो प्रत्येक गाँव समृद्धशाली बन सकता है।

पाठ्यपुस्तक संबंधित प्रश्न एवं उत्तर : बोध एवं विचार

1. सही विकल्प का चयन कीजिए:

(क) पिपलांत्री गाँव राजस्थान के किस जिले में स्थित है ?

  1. जयपुर
  2. बीकानेर
  3. राजसमंद
  4. श्रीगंगानगर

उत्तर: (i) जयपुर

(ख) पिपलांत्री गाँव का नाम ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में क्यों दर्ज हुआ

  1. आदर्श गाँव होने के कारण 
  2. पर्यावरण संरक्षण के लिए
  3. संगमरमर पत्थर के लिए
  4. 111 वृक्ष लगाने के लिए

उत्तर (i) आदर्श गाँव होने के कारण

(ग) किस भाषा में ‘पिपलांत्री’ नामक एक सिनेमा भी बना है ?

  1. अंग्रेजी
  2. हिंदी
  3. असमीया
  4. बांग्ला

उत्तर : (ii) हिंदी

(घ) यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने पिपलांत्री गाँव के लड़के-लड़कियों की पढ़ाई के लिए कितने रुपये दिये हैं।

  1. 40 लाख
  2. 50 लाख
  3. 60 लाख
  4. 70 लाख

उत्तर : (iii) 60 लाख

2. पूर्ण वाक्य में उत्तर दीजिए: 

(क) पिपलांत्री गाँव जयपुर से कितनी दूरी पर स्थित है ?

उत्तर: पिपलांत्री गाँव जयपुर से 350 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

(ख) महाराणा प्रताप के जन्मस्थान का क्या नाम है ? 

उत्तर महाराणा प्रताप के जन्मस्थान का नाम उदयपुर है।

(ग) ‘ट्री सिस्टर्स’ नामक सिनेमा का निर्माण किसके द्वारा हुआ है ? 

उत्तर: ‘ट्री सिस्टर्स’ नामक सिनेमा का निर्माण अर्जेंटिना के सिनेमा बनाने वाले दल द्वारा हुआ है।

(घ) श्यामसुंदर पालीवाल की माता जी का देहांत कब हुआ था ?

उत्तर: श्यामसुंदर पालीवाल के जन्म लेने के छह वर्ष की अवस्था में उनकी माता जी का देहांत हुआ था।

(ङ) श्यामसुंदर पालीवाल ने पिपलांत्री गाँव के मुखिया का पद कब संभाला ? 

उत्तर: श्यामसुंदर पालीवाल ने सन् 2005 में पिपलांत्री गाँव के मुखिया का पद संभाला।

(च) पिपलांत्री गाँव को राष्ट्रपति पुरस्कार कब मिला ? 

उत्तर: सन् 2007 में पिपलांत्री गाँव को राष्ट्रपति पुरस्कार मिला।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दीजिए:

(क) पिपलांत्री गाँव की अवस्थिति के बारे में आप क्या जानते हैं ? 

उत्तर: पिपलांत्री गाँव राजस्थान की राजधानी जयपुर से लगभग 350 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ है।

(ख) पिपलांत्री गाँव पहले किन समस्याओं से ग्रस्त था ?

उत्तर: पिपलांत्री गाँव पहले प्रदूषण एवं जल की समस्याओं से ग्रस्त था। भूजल स्तर बहुत नीचे चला गया था। ऊपर से संगमरमर की खुदाई से पर्यावरण नष्ट हो गया था। लोग तरह-तरह की बीमारियों के शिकार होने लगे थे।

(ग) पिपलांत्री गाँव की उपलब्धियों को किन-किन कक्षाओं के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है ?

उत्तर: पिपलांत्री गाँव की उपलब्धियों को डेनमार्क की प्राथमिक शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। राजस्थान सरकार ने भी इस गाँव की उपलब्धियों को सातवीं एवं आठवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल किया है।

(घ)’किरण निधि योजना’ क्या है और इसकी शुरुआत कैसे हुई ?

उत्तर: पिपलांत्री गाँव में प्रत्येक लड़की के जन्म लेने पर 111 पेड़ लगाने का नियम है है। किरण निधि योजना’ के तहत ये कार्य किए जाते हैं। इसकी शुरुआत यों हुई। गाँव के मुखिया श्यामसुंदर पालीवाल की लड़की किरण की अकाल मृत्यु पर इसे ईश्वर की इच्छा समझकर उन्होंने एक पेड़ लगाया।

(ङ) श्यामसुंदर पालीवाल ने गाँववासियों को कौन-कौन से दायित्व सौंपे ? 

उत्तर:श्यामसुंदर पालीवाल ने गाँववासियों को चार दायित्व सौंपे

  1. पुत्री का पालन-पोषण पुत्र के समान करना
  2. जल का संरक्षण करना
  3. पेड़-पौधे लगाना एवं अपनी संतान की तरह उसकी देखभाल करना तथा 
  4. कृषि कार्य के द्वारा अपनी-अपनी जरूरतों को पूरा करना

(च) पिपलांत्री गाँव में लड़की के जन्म पर लोग क्या करते हैं?”गाग

उत्तर : पिपलांत्री गाँव में लड़की के जन्म पर लीग उत्सव मनाते हैं तथा उसके नाम पर गाँव में 117 पेड़ लगाते हैं। गांववाले मिलकर 21,000 रुपये जमा करते हैं तथा लड़की के माता पिता से भी 18,000 रुपये लिए जाते हैं। इस प्रकार

कुल 31,000 रुपये फिक्स्ड डिपोजिट के रूप में लड़की के नाम से बैंक में जोम किया जाता हैं।

(छ) पिपलांत्री गाँव में रक्षाबंधन का त्योहार किस प्रकार मनाया जाता है ? 

उत्तर: रक्षाबंधन के दिन गाँव की महिलाएँ एवं लड़कियाँ वृक्षों को रक्षासूत्र (राखी) बाँधकर उसकी सुरक्षा की कामना करती है। इससे वृक्ष एवं मनुष्य का संबंध -प्रगाढ़ होता है। 

(ज) जल संरक्षण से क्या लाभ है ?”

उत्तर: जल संरक्षण से दोहरा लाभ होते हैं। पहला यह कि हम जल को पुनः मानुपयोग में ला सकते हैं। दूसरे इससे भूमिगत जल का स्तर बढ़ता है।

(झ) पिपलांत्री गाँव पर संगमरमर पत्थर की खुदाई का क्या प्रभाव पड़ा ? 

उत्तर : संगमरमर पत्थर की खुदाई का पिपलांत्री गाँव पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। एक और पर्यावरण नष्ट होने लगा तो दूसरी ओर प्राकृतिक संपदाओं पर व्यापारियों ने अधिकार जमा लिया। इससे गाँव का परिवेश दूषित होने लगा। पेड़-पौधे  काटे जाने लगे। लोगों को खेती-बाड़ी करने के लिए जल मिलना मुश्किल हो गया।

(ञ) पिपलांत्री गाँव में सरकारी सहायता से क्या-क्या बनाया गया है ?

उत्तर: पिपलांत्री गाँव में सरकारी सहायता से विद्यालय की स्थापना करवाई गई है। ग्राम पंचायत एवं आंगनबाड़ी का कार्यालय बनवाया गया है। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई है।

GROUP-A पद्य खंड

Sl. NO.पाठ के नामLink
पाठ 1पदClick Here
पाठ 2भजनClick Here
पाठ 3ब्रज की संध्याClick Here
पाठ 4पथ की पहचानClick Here
पाठ 5शक्ति और क्षमाClick Here

गद्य खंड

पाठ 6पंच परमेश्वरClick Here
पाठ 7खाने खिलाने का
राष्ट्रीय शौक
Click Here
पाठ 8गिल्लूClick Here
पाठ 9दुःखClick Here
पाठ 10जीवन-संग्रामClick Here
पाठ 11अंधविश्वास की छीटेंClick Here
पाठ 12पर्वो का देश भारतClick Here

GROUP-B: पद्य खंड

पाठ 13बरगीतClick Here
पाठ 14मुक्ति की आकांक्षाClick Here

गद्य खंड

पाठ 15वे भूले नहीं जा सकतेClick Here
पाठ 16पिपलांत्री : एक आदर्श गाँवClick Here

वैचित्र्यमय असम

4. ॐ निम्नलिखित प्रश्नों के सम्यक् उत्तर दीजिए

(क) प्राकृतिक संपदाओं में धनी होने के बावजूद पिपलांत्री गाँव के लोग बड़ी कठिनाई से जीवन-यापन करते थे, क्यों ?

उत्तर: उपजाऊ भूमि एवं प्राकृतिक संपदा वाला पिपलांत्री गाँव अनेक समस्याओं से जूझ रहा था। वहाँ संगमरमर पत्थर की भरमार है। लेकिन लोगों के अज्ञानता और व्यापारियों द्वारा संगमरमर पत्थर के खदानों के दोहन के कारण वहाँ का कि पर्यावरण नष्ट हो गया था। बचा-खुचा जल प्रदूषित हो गया था। खेती के लिए पानी उपलब्ध नहीं था। इसलिए प्राकृतिक संपदाओं में धनी होते हुए भी पिपलांत्री गाँव के लोग बड़ी कठिनाई से जीवन-यापन करते थे।

(ख) श्यामसुंदर पालीवाल ने पिपलांत्री गाँव का कायापलट कैसे किया ? 

उत्तर: सन् 2005 के पहले पिपलांत्री गाँव की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। गरीबी, भुखमरी एवं प्रदूषण की मार झेल रहे गाँववासी गाँव छोड़कर अन्यथ चले गए थे । परंतु 2005 में श्यामसुंदर पालीवाल के गाँव के मुखिया बनते ही स्थिति में बहुत सुधार होने लगी। श्यामसुंदर पालीवाल ने किरण निधि

योजना’ की शुरुआत की तथा प्रत्येक लड़की के जन्म पर गाँववासियों को 111 वृक्ष लगाने का नियम बनाया। फिर प्रत्येक गाँववासी को चार दायित्व सौंपे। सबने अपने उत्तरदायित्व का ईमानदारी एवं तत्परता से पालन किया।

अन्य कई योजनाएँ शुरू की गई। देखते ही देखते पिपलांत्री गाँव का कायापलट हो गया

(ग) पिपलांत्री गाँव में लड़कियों के जन्म और लालन-पालन के संबंध में क्या-क्या नियम हैं और इसका अनुपालन किस प्रकार किया जाता है ? 

उत्तर: पिपलांत्री गाँव में लड़कियों के जन्म और लालन-पालन के संबंध में कई नियम है। लड़की के जन्म पर 111 पेड़ लगाने और उसके नाम पर 31,000 रुपये बैंक में फिक्स्ड डिपोजिट के रूप में जमा कराए जाते हैं। लड़की का पालन-पोषण लड़का के समान किया जाता है। लड़की के जन्म पर गाँव भर में उत्सव मनाया जाता है।

(घ) हमारे देश में लड़का-लड़की के अनुपात में अंतर होने के क्या कारण हैं? 

उत्तर: हमारे देश में आज भी लड़कियों के प्रति उपेक्षा की भावना देखी जाती है। कुछ लोग जन्म लेते ही लड़की को जंगल-झाड़ियों में फेंक देना चाहते हैं। कुछ लोग लड़कियों को गर्भ में ही मार देना चाहते हैं। लिंग परीक्षण कराकर गर्भपात करा देते हैं। इसका परिणाम यह हो रहा है कि कुछ राज्यों में जनसंख्या की दृष्टि से लड़का-लड़की के अनुपात में बहुत अंतर पाया जाता है।

(ङ) ‘पिपलांत्री: एक आदर्श गाँव’ पाठ से आपको क्या शिक्षा मिलती है ? 

उत्तर: इस पाठ को पढ़कर सबके मन में अपने-अपने गाँव को पिपलांत्री गाँव की तरह बनाने की प्रेरणा जागृत होती है। गाँव को देखने पर यह स्पष्ट हो जाता है कि मनुष्य यदि चाहे तो सबकुछ कर सकता है। मनुष्य में इच्छा शक्ति एवं परिकल्पना ही काफी है। धैर्य, एकाग्रता एवं नियमबद्ध तरीकों से किया गया कठिन एवं असंभव काम भी आसानी से संपन्न हो जाता है। वहाँ के कार्य-कलापों एवं महान आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा मिलती है।

आशय स्पष्ट कीजिए:

(क) धैर्य, एकाग्रता, साहस एवं नियमबद्ध तरीके से किया गया कठिन और असंभव काम भी आसानी से संपन्न हो जाता है।

उत्तर: ये पंक्तियाँ ‘पिपलांत्री: एक आदर्श गाँव’ नामक पाठ की हैं। इसके लेखक ज्योतिप्रसाद बुढ़ागोहाँई हैं। लेखक एक पत्रकार हैं और यह बताना चाहते हैं कि मनुष्य चाहे तो असंभव कार्य भी संभव कर सकता है।

इन पंक्तियों का आशय यह है कि मनुष्य यदि चाहे तो वह असंभव कार्य को भी संभव कर सकता है। बस आवश्यकता है उसके अंदर धैर्य, एकाग्रता, साहस एवं नियमबद्धता आदि गुणों का होना। ये सभी गुण मनुष्य को जीवन में सफल भी बनाते हैं और उसे महानता के उच्च शिखर पर भी पहुँचाते हैं।

(ख) परंतु विनाश की खाई से विकास के सोपान पर कदम बढ़ाने वाला यह पिपलांत्री गाँव आज संसार के लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

उत्तर: ये पंक्तियाँ ‘पिपलांत्री: एक आदर्श गाँव’ नामक पाठ की हैं। इसके लेखक ज्योतिप्रसाद बुढ़ागोहाँई हैं। इन पंक्तियों के माध्यम से लेखक ने यह बताने का प्रयास किया है कि राजस्थान का यह पिपलांत्री गाँव विकट परिस्थितियों से ऊबरकर किस प्रकारएक विकसित एवं आदर्श गाँव के रूप में परिणत हो गया।

इन पंक्तियों का आशय यह है कि संगमरमर जैसे खनिज संपदा का दोहन करके व्यापारियों ने पिपलांत्री गाँव को कंगाल बना दिया था। वहाँ का परिवेश नष्ट हो गया था। जल का अभाव हो गया था। प्रदूषण इतना फैल गया था कि लोग तरह-तरह की बीमारियों का शिकार होने लगे थे। खेती-बाड़ी एवं रोजगार के अभाव के कारण लोग गाँव छोड़कर दूसरे राज्यों में जाने लगे थे। परंतु परिस्थितियाँ बदलीं और गाँववालों के सामूहिक प्रयास से यह गाँव विकास की सीढ़ियाँ चढ़ते गया और आज दुनिया भर के लोग उसे देखने आते हैं।

(ग) पेड़ लगा देने मात्र से ही हम प्रकृति को नहीं बचा सकते अपनी संतान की तरह उसका पालन-पोषण करना तथा जल संरक्षण जैसे कार्यों पर भी बल देना आवश्यक है।

उत्तर: ये पंक्तियाँ ‘पिपलांत्रीः एक आदर्श गाँव’ नामक पाठ से ली गई हैं। इसके लेखक ज्योतिप्रसाद बुढ़ागोहाँई हैं। लेखक ने यहाँ यह समझाने का प्रयास किया है कि केवल पेड़ लगा देने से हमारा कार्य पूरा नहीं हो जाता। इन पंक्तियों का आशय यह है कि केवल पेड़ लगाकर ही हम पर्यावरण या प्रकृति की रक्षा नहीं कर सकते। उसका उचित देखभाल भी करना आवश्यक 

है। अपने पुत्र-पुत्रियों की तरह हमें पेड़ों का पालन-पोषण एवं देखभाल करना पड़ेगा। तभी पेड़ बचेंगे और हरियाली बढ़ेगी। समय पर वर्षा होगी। उसके अतिरिक्त पानी बचाना और उसका संरक्षण करना अत्यावश्यक है ताकि अन्य कार्यों के लिए पानी का भंडार बचा रहे।

भाषा एवं व्याकरण

1. निम्नलिखित मुहावरों से वाक्य बनाइए

हाथ फैलाना, कायापलट होना, हाथ पर हाथ धरकर बैठना, मुँह ताकना, फूला न समाना

हाथ फैलाना : (दूसरे की सहायता लेना या माँगना) रुपये के लिए रवि हमेशा दूसरों के सामने हाथ फैलाता है।

कायापलट होना : (पूरी तरह बदल जाना) देखते ही देखते दिल्ली की कायापलट हो गई।

हाथ पर हाथ:  (कुछ न करना) मेहनत करो, इस तरह हाथ पर हाथ 

धरकर बैठना: -धरकर बैठने से कुछ नहीं होगा।

मुँह ताकना : (दूसरे से मदद की उम्मीद रखना) वह रुपये के लिए हमेशा दूसरों का मुँह ताकता है।

फूला न समाना: (बहुत खुश होना) कक्षा में प्रथम आकर महेश फूला नहीं समा रहा है। 

निम्नलिखित सामासिक शब्दों का विग्रह करते हुए समास-भेद भी

लिखिए : जिलांतर्गत, महाराणा, नियमबद्ध, विश्वविद्यालय, जल-स्तर, गाँववासी, भ्रूणहत्या, पालन-पोषण, लड़का-लड़की, रक्षासूत्र, प्राणवायु, महाराष्ट्र,

शोकाकुल, नवयुवक

सामासिक शब्दविग्रहभेद
जिलांतर्गत
महाराणा
नियमबद्ध
विश्वविद्यालय
जल-स्तर
गाँववासी
भ्रूणहत्या
पालन-पोषण
लड़कालड़की
रक्षासूत्र
प्राणवायु
महाराष्ट्र
नवयुवक
विग्रह
जिला के अंतर्गत 
महान है जो राणा (राजा)
नियमों से बंधा हुआ
विश्व का विद्यालय
जल का स्तर
गाँव का वासी
भ्रूण की हत्या
पालन और पोषण
लड़का और लड़की
रक्षा रूपी सूत्र
प्राण के लिए वायु
महान है जो राष्ट्र
शोक में डूबा हुआ
नया है जो युवक
तत्पुरुष समास ।
कर्मधारय समास।
तत्पुरुष समास।
तत्पुरुष समास।
तत्पुरुष समास।
तत्पुरुष समास।
तत्पुरुष समास ।
द्वन्द्व समास ।
द्वन्द्व समास ।
कर्मधारय समास।
तत्पुरुष समास ।
कर्मधारय समास।
तत्पुरुष समास ।
कर्मधारय समास ।

3. निम्नलिखित शब्दों के एक-एक समानार्थी (पर्यायवाची) शब्द लिखिए: 

मनुष्य, पत्थर, साहस, संघर्ष, नदी, जलाशय, वृक्ष, जल, हवा, जंगल

उत्तर:

  • मनुष्य: मानव
  • साहस : हिम्मत
  • नदी : सरिता
  • वृक्ष : पेड़
  • हवा : वायु
  • पत्थर :पाषाण
  • संघर्ष: युद्ध
  • जलाशय: तालाब
  • जल : पानी
  • जंगल : वन

This Post Has 5 Comments

Leave a Reply